Aesthetic Blasphemy

a million little things...

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moh-maya

प्राण न पागल हो तुम यों, पृथ्वी पर वह प्रेम कहाँ.. मोहमयी छलना भर है, भटको न अहो अब और यहाँ.. ऊपर को निरखो अब तो बस...

Posted on: Feb. 16, 2014 Read More
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Butterflies

मैं फूल टाँक रहा हूँ तुम्हारे जूड़े में, तुम्हारी आँख मसर्रत से झुकती जाती है, न जाने आज मैं क्या बात कहने वाला...

Posted on: Feb. 16, 2014 Read More
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To each his own!

मियां मैं शेर हूँ, शेरो की गुर्राहट नहीं जाती, मैं लहज़ा नरम भी कर लू, तो झिन्झालाहत नहीं जाती | मैं एक दिन बेखयाली...

Posted on: Feb. 16, 2014 Read More
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Identity (Hindi: Parichaya)

सलिल कण हूँ, या पारावार हूँ मैं स्वयं छाया, स्वयं आधार हूँ मैं बँधा हूँ, स्वपन हूँ, लघु वृत हूँ मैं नहीं तो व्योम का...

Posted on: Feb. 16, 2014 Read More