Semal एक भभकती दोपहर में, जाने कौन सा वचन निभाने को, कुछ तेज़ हवाएं सी बहने लगीं | उनको आता देख सेमल ने, अपनी बाहें खोल लीं |... Posted on: May 3, 2019 Read More #Poetry #Hindi #Poem