Aesthetic Blasphemy

a million little things...

Link to Rookie
Rookie

मैं, अनघड़ सा एक बाग़बान। कली मुरझाती सी जाती थी, और मैं अनघड़ सा बाग़बान, उसे सींचता ही चला गया, मेरे सिंचन और चिंतन...

Posted on: March 31, 2017 Read More
Link to Zikr
Zikr

जब कभी भी तुम्हारी याद को ले कर खुद से लड़ता हूँ, बहुत मुसीबत होती है । एक 'मैं' तुम्हारा बिन पैसे का वक़ील बन...

Posted on: March 17, 2017 Read More