Rookie मैं, अनघड़ सा एक बाग़बान। कली मुरझाती सी जाती थी, और मैं अनघड़ सा बाग़बान, उसे सींचता ही चला गया, मेरे सिंचन और चिंतन ने,... Posted on: March 31, 2017 Read More #Poetry #Hindi #Creative Writing #हिंदी #Life
Zikr जब कभी भी तुम्हारी याद को ले कर खुद से लड़ता हूँ, बहुत मुसीबत होती है । एक 'मैं' तुम्हारा बिन पैसे का वक़ील बन जाता है,... Posted on: March 17, 2017 Read More #Hindi #Love Letters #हिंदी