Aesthetic Blasphemy

a million little things...

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To each his own!

मियां मैं शेर हूँ, शेरो की गुर्राहट नहीं जाती, मैं लहज़ा नरम भी कर लू, तो झिन्झालाहत नहीं जाती | मैं एक दिन बेखयाली...

Posted on: Feb. 16, 2014 Read More
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Identity (Hindi: Parichaya)

सलिल कण हूँ, या पारावार हूँ मैं स्वयं छाया, स्वयं आधार हूँ मैं बँधा हूँ, स्वपन हूँ, लघु वृत हूँ मैं नहीं तो व्योम का...

Posted on: Feb. 16, 2014 Read More
Link to Life is like a ship in the stormy sea (Hindi)
Life is like a ship in the stormy sea (Hindi)

जब नाव जल में छोड़ दी तूफ़ान ही में मोड़ दी दे दी चुनौती सिंधु को फ़िर धार क्या मझधार क्या ?? ~ हरिवंश राय बच्चन...

Posted on: Feb. 16, 2014 Read More
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Dinner Musings

आज यों ही याद आ गया कि यदि भोजन हाथों की अंगुलियों से किया जाए तो क्षुधा जल्दी शांत होती है, तृप्ति हो जाती है | कहते...

Posted on: Feb. 12, 2014 Read More